Monday, January 4, 2021

तकनीक बनाम तरकीब

 

तकनीक के साथ साथ तरकीब भी आवश्यक है!

   वर्तमान परिदृश्य को देखकर सब यही कहने लगे है की अब तो तकनीक का युग  है अब हमारे लिए करने को कुछ है ही  नहीं ,, हमारे अनुभवी और ऊर्जावान साथी भी वर्तमान के इस बदलाव की धारा को नदी के समान दूर से ही खड़े रहकर निहार रहे है ,, में ऐसे सभी साथियों से आज ये कहना चाहता हूँ की आप विचार कीजिये जब पृथ्वी पर तकनीक नहीं थी तो हमारे पूर्वजों ने कैसे अपने जीवन को चलाया होगा ,, आवस्यकताएँ , समस्याएं तो सदा इंसान की परछाई बन कर साथ रही है ,, जब आप गहराई से विचार करेंगे तो पाएंगे की कैसे उस समय इंसान ने अपनी तरकीब का सहारा ले कर जीवन को आनंददायक बनाने का प्रयाश किया होगा और आज हम इस आधुनिक युग के दर्शन कर रहे है वो कहीं ना कहीं भूतकाल के तरकीबों से ही संभव हो पाया है , तकनीक और तरकीब लगभग के जैसे ही शब्द है  और इनके कार्य भी!

 जब तकनीक नहीं थी तो तरकीब के सहारे ही इंसान ने पहिये की खोज की होगी , पहिया बन गया तो उसे बैल गाढ़ी में लगाने की तरकीब भी सूझी होगी जब गाढ़ी बन गई होगी तो उससे खींचने के लिए जानवरों के उपयोग की भी तरकीब मिल गई होगी , गाढ़ी सही चले इस हेतु समतल सड़क के निर्माण की आवश्यकता को इंसान की सूझबूझ और तरकीब से  हल किया गया होगा , बात को लम्बा नहीं खींचता बाकि का इतिहास आप सभी ने अच्छे से पड़ा ही है में तो बस इंसानो की तरक़ीब की प्रशंसा  और साथ ही  उस पर गर्व करने का अवसर खोज रहा था ,, जब इस विषय पर जब आप अपने छात्रों, परिचितों और मित्रों के साथ समय निकाल कर विस्तार से चर्चा ,,,,,😒😒

अरे माफ़ कीजिये में भूल गया परिचितों और मित्रों से इस विषय पर क्या किसी भी विषय पर चर्चा के लिए समय ही कहाँ है , हमारा सारा समय तो तकनीक ने ले लिया है हम इतना व्यस्त हो गए है की समय कहा है की हम कभी दूरों को तो छोड़ो  अपने आप से ही दो बातें कर पाएं ,, आपको यह जान कर हेरानी नहीं होनी चाहिए की हमारे पूर्वजों की तरकीब इंसान को समस्याओं को जीतने में बहुत कारगर थी पर आज की तकनीक   हमें एक के बाद एक नयी समस्या में डालती जा रही है ,,

🤔🤔 तो क्या में तकनीक का विरोधी हूँ शायद नहीं!  जीवन की नाव को किनारे लगाने हेतु तकनीक की पतवार को उपयोग करना ही  बुद्धिमानी है ,, मजबूरी नहीं ,, बिना तकनीक की पतवार के भी नाव किनारे लगाई जा सकती है बस हमें एक अच्छी सी तरकीब निकालनी  होगी ️😀😀

अब तो आप भी मेरे इस नए बिचार से सहमत होंगे की तकनीक हो या ना हो तरकीब हो तो जीवन की प्रत्येक समस्या का समाधान संभव है!

 अतः मित्रों आप सभी तकनीकों  का प्रयोग करते रहे इससे कोई हानि नहीं ,, हानि तो वस ये है की हम तकनीक को ही सब कुछ मान लेते है , हम तरकीब का सहारा लेना भूलते जा रहे है , और जब तक हम अपने विवेक का उपयोग समस्यों का हल  तरकीब के द्वारा निकालने के लिए नहीं करेंगे ,, हम ऐसे ही तकनीक के गुलाम बनते जाएंगे!

 तकनीक को उपयोगी वस्तु मानें आवश्यक नहीं

 तरकीब हमें चेत्तन्न करती है और तकनीक जड़ !

जी हाँ , मित्रों ,, आप इस कथन को झुटला नहीं सकते आप भी इसे भली भांति जानने लगे है की किस प्रकार तकनीक के अधिक प्रयोग से हम अपने मस्तिष्क का प्रयोग भूलते जा रहे है ,, पहले के समय कठिन सवालों को उँगलियों के सहारे हल कर लिया जाता था मुझे याद है  मेरे दादा जी अधिक पढ़े लिखे नहीं थे पर उनका हिसाव किताब एक दम सही रहता था और आज हम और हमारे भावी युवा वच्चे है जो सरल गड़नाओ को बिना तकनीक के सहारे नही कर पाते ,,

अतः आप किसी भी तकनीकी साधन का उपयोग करते समय इसके अधिक से अधिक उपयोग और कम से कम दूशप्रभाव की तरकीब को अपने विवेक के सहारे खोजते रहें जिससे आप तकनीक का गुलाम बनने से वचे रहेंगे साथ ही आप उस साधन का अधिकतम कार्यों में उपयोग कर सकेंगे अंततः आप अपने जीवन में तकनीक को सहारा बनायें समस्या नही!

जीवन आनंद और हर्ष से जीने के लिए है इसे तरकीब की खोज में लगाए जिससे हमारे साथ साथ सम्पूर्ण मानव समाज के कल्याण के रस्ते खुलेंगे ,,

राधे राधे

मुरारी लाल राय 

माध्यमिक शिक्षक 

शास. मॉडल स्कूल करेरा जिला शिवपुरी 

mob. 9179765560

E-mail: mlrai0405@gmail.com


                                 तकनीक और तरकीब पार्ट 2

 साथियों राधे राधे

पूर्व लेख में आपने जाना  की कैसे तकनीक और तरकीब का आपसी तालमेल रहने से हम सफलता की रह आसान बना सकते है उसी क्रम में हम चर्च कर रहे है की कैसे तरकीब खोज कर हम तकनीक के प्रयोग और उसके लाभ के क्षेत्र का विस्तार कर सकते है , इसे एक उदाहरण से समझें-

  वर्तमान परिस्थिति में हमारे प्रत्येक कार्य के करने के तरीके में परिवर्तन आया है , हम जैसा सोचते थे जैसे अपने कार्यों को जिस गति से सम्पादित करते आ रहे थे अब कोरोना महामारी के प्रकोप से हम सबको अपनी अपनी कार्ययोजना में परिवर्तन हेतु मजबूर होना पड़ा है , हमें व्यवसाय, प्रतिष्ठान कार्यस्थल हर जगह नयी योजना का निर्माण करना पड़ रहा होगा , ऐसे परिवेश में तकनीक का भी उपयोग कुशलता के साथ हो सके उस हेतु नवीन तरकीब की खोज करने की आवश्यकता है , अतः साथियों आपने किस तरकीब का सहारा लिया जिससे इस संकट के समय आप अपने व्यवसाय और कर्तव्य के निरंतर गतिशील बनाये रखा है उसे आप अपने साथियो के साथ बांटे जिससे आपके अनुभवों और कौशल का लाभ समाज को हो सके , चूँकि में शिक्षा के क्षेत्र में हु अतः अपने तरकीब के कुछ अंश आप सभी के साथ बांटना चाहता हूँ ,